Jaipur ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद शहर के लाखों गिग वर्कर्स को मिलेगा लाभ

काम के बदले मिलता सिर्फ पैसा
गिग वर्कर्स को उनके काम के आधार पर भुगतान किया जाता है। ये कर्मचारी भले ही किसी संस्थान से वर्षों तक जुड़े रहें, लेकिन उन्हें पेमेंट के अलावा किसी अन्य प्रकार का लाभ नहीं मिलता। विभिन्न संगठन इन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं। गिग वर्कर्स घर तक खाना पहुंचाने से लेकर क्विक कॉमर्स, ट्रांसपोर्टेशन और कैब सेवाओं में बड़ी संया में काम कर रहे हैं। ये लोग 12 से 14 घंटे तक काम करते हैं।
गिग वर्कर्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
गिग वर्कर्स के लिए जल्द ही पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की उमीद है। यह पोर्टल ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसे केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए 2021 में शुरू किया था।
पंजीकरण के बादमिलने वाले लाभ
पंजीकरण के बाद, अगर किसी कारणवश गिग वर्कर की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को दो लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी।यदि गिग वर्कर दिव्यांग हो जाता है, तो उसे एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी।पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत, 60 वर्ष की आयु के बाद गिग वर्कर्स को पेंशन का लाभ मिलेगा। यह पेंशन 3,000 रुपए प्रति माह होगी।
पात्रता
भारत के नागरिक, जिनकी आयु 16 से 59 वर्ष के बीच हो, वे इस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
अपात्र
ऐसे श्रमिक जो एनपीएस, ईपीएफओ, या ईएसआइसी के सदस्य हैं और जो इनकम टैक्स का भुगतान करते हैं, वे इस पोर्टल के लिए पात्र नहीं होंगे।