बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर चिंता व्यक्त की जाती रही है। हाल के वर्षों में, विशेष रूप से हिंदू और बौद्ध समुदायों के प्रति असुरक्षा की भावना और घटनाओं ने चिंताओं को जन्म दिया है।
बौद्धों का इतिहास: बांग्लादेश परंपरागत रूप से विभिन्न धर्मों का गढ़ रहा है। ऐतिहासिक रूप से, बौद्ध धर्म ने यहाँ एक समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक योगदान किया है।
बौद्ध आबादी: बांग्लादेश में बौद्ध समुदाय की आबादी लगभग 1% है। मुख्यतः, चटगाँव क्षेत्र में इनकी प्रमुख उपस्थिति है, जहाँ पारंपरिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का पालन होता है।
मौजूदा हालात: हाल के वर्षों में, धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक घटनाओं की वजह से बौद्ध समुदाय में भय का माहौल बना हुआ है। सामाजिक और राजनीतिक कारणों से इन घटनाओं का दूरगामी प्रभाव पड़ा है, और सरकार इन मामलों में सुधार के प्रयास कर रही है।
हालांकि, कई सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार संस्थाओं ने सरकार से इन मामलों को गंभीरता से लेने और प्रभावी उपाय करने की अपील की है।









