दिल्ली सरकार ने अक्टूबर 2025 में वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से कृत्रिम बारिश, जिसे क्लाउड सीडिंग कहा जाता है, के प्रयोग पर ₹37.93 लाख की राशि खर्च की। इस परियोजना का ठेका आईआईटी कानपुर को नॉमिनेशन के आधार पर दिया गया। हालांकि, आरटीआई आवेदन के माध्यम से कुल राशि का खुलासा किया गया, परन्तु खर्चा का विश्लेषण, ठेका विवरण और परिणाम रिपोर्ट गोपनीयता के नाम पर छिपाए गए। इसके अतिरिक्त, कोई भी वैज्ञानिक आकलन अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह कदम प्रदूषण की समस्या के समाधान की दिशा में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन पारदर्शिता की वृत्ति की कमी पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।



