स्टैनफोर्ड की नई खोज से ऑस्टियोआर्थराइटिस मरीज़ों को राहत
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी चिकित्सा पद्धति विकसित की है, जो घुटनों के दर्द और ऑस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए आशा की किरण लेकर आई है।
इस शोध में दावा किया गया है कि नए प्रकार का इंजेक्शन, जिसे मरीज के घुटने में लगाया जाता है, कार्टिलेज को फिर से विकसित करने में सक्षम हो सकता है। यह उपचार सर्जरी की आवश्यकता को टाल सकता है, जिससे मरीजों में तेजी से सुधार देखा जा सकता है।
यह नया इंजेक्शन विशेष रूप से उन अणुओं से बना है, जो कार्टिलेज की वृद्धि में मदद करते हैं। प्रारंभिक परीक्षणों में इस उपचार ने सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। इसकी सफलता से लाखों मरीजों को दर्द से राहत मिल सकती है और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकता है।
