स्टैनफोर्ड की रिसर्च: घुटनों के लिए नई उम्मीद

Saurabh Vishwakarma

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की नई रिसर्च में एक खास इंजेक्शन की खोज की गई है, जो घुटनों के दर्द और ऑस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है। इस अध्ययन के अनुसार, इस इंजेक्शन से घुटनों की कार्टिलेज दोबारा बन सकती है, जो आमतौर पर खराब हो जाती है और जिसके कारण सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

इस इंजेक्शन के इस्तेमाल से घुटनों की पुरानी और स्कार हुई कार्टिलेज को नए रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे दर्द में कमी और जॉइंट्स की गतिशीलता में सुधार होता है। रिसर्च टीम ने इसे एक बड़ा कदम बताया है, जो भविष्य में सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता को भी टाल सकता है।

इस रिसर्च का परीक्षण अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके सकारात्मक परिणामों ने चिकित्सा जगत में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी व्यापक उपलब्धता घुटनों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।